शिक्षा और तकनीक का संगम: आधुनिक युग की आवश्यकता
प्रस्तावना 21वीं सदी को तकनीक (Technology) और नवाचार (Innovation) का युग कहा जाता है। आज शिक्षा (Education) केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल टूल्स ने इसे एक नए आयाम तक पहुँचा दिया है। ऑनलाइन लर्निंग और डिजिटल क्लासरूम ने शिक्षा को सुलभ, किफायती और इंटरएक्टिव बना दिया है। शिक्षा में तकनीक की भूमिका 1. ऑनलाइन लर्निंग का बढ़ता प्रभाव COVID-19 महामारी के बाद से ऑनलाइन शिक्षा में जबरदस्त वृद्धि हुई। KPMG रिपोर्ट (2021) के अनुसार, भारत का ऑनलाइन शिक्षा बाज़ार 2025 तक 2 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। Zoom, Google Meet और Microsoft Teams जैसे टूल्स ने छात्रों और शिक्षकों को घर बैठे जोड़ दिया। Unacademy, BYJU’S और Vedantu जैसे प्लेटफॉर्म ने लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका दिया। 2. डिजिटल लाइब्रेरी और ई-बुक्स पहले छात्रों को जानकारी के लिए घंटों लाइब्रेरी में बैठना पड़ता था। लेकिन अब National Digital Library of India (NDLI) जैसे प्लेटफॉर्म पर लाखों किताबें, रिसर्च पेपर और लेक्चर मुफ्त उपलब्ध हैं। 3. स्मार्ट क्लासरूम और ...